Saturday, October 25, 2014

मुख्यमंत्री ने कमल्याखेड़ा की महिलाओं को दिया तोहफा

  मुख्यमंत्री ने कमल्याखेड़ा की महिलाओं को दिया तोहफा
भोपाल।  मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इंदौर जिले के सांवेर तहसील के गांव कमल्याखेड़ा की महिलाओं को मुख्यमंत्री निवास पर नए वस्त्र भेंट कर सम्मानित किया। इन महिलाओं ने संकल्प लिया था कि श्री चौहान के तीसरी बार मुख्यमंत्री बनने के बाद वे भगवान को वस्त्र पहनाकर ही स्वयं नए वस्त्र पहनेंगी। मुख्यमंत्री ने मंगलवार को कमल्याखेड़ा की महिलाओं को सीएम हाउस पर आमंत्रित कर उन्हें नए वस्त्र भेंट कर सम्मानित किया।
श्री चौहान की सहृदयता से अभिभूत कमल्याखेड़ा के ग्रामीणों ने निवास पहुंचकर परम्परागत विधि-विधान से पहले भगवान को नए वस्त्र धारण करवाए। बाद में उन्होंने श्री चौहान को जोधपुर की पगड़ी पहनाई।
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दीपावली पर बिजली आपूर्ति के पुख्ता इंतजाम

 
दीपावली पर  बिजली आपूर्ति के पुख्ता इंतजाम

9 हजार मेगावॉट बिजली की व्यवस्था

 भोपाल।  दीपावली पर प्रदेश में सुचारु और गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। इसके लिए 9 हजार  मेगावॉट तक की व्यवस्था स्थाई अनुबंधों के माध्यम से की जायेगी। पर्व के 3 दिन के दौरान प्रदेश में अधिकतम 8500 मेगावॉट बिजली की मांग रहने की संभावना है।
एमपी पॉवर मेनेजमेंट कम्पनी के प्रबंध संचालक मनु श्रीवास्तव के अनुसार धनतेरस, नरक-चौदस और दीपावली के दिन 8500 मेगावॉट अधिकतम बिजली मांग को ध्यान में रखते हुए प्रदेश के बिजली, ताप एवं जल-गृहों का पूरी क्षमता के साथ उपयोग किया जाएगा। वहीं इंदिरा सागर जल विद्युत परियोजना, सरदार सरोवर और ओंकारेश्वर जल विद्युत परियोजना का आवश्यकतानुसार प्रयोग किया जाएगा। इससे ज्यादा बिजली की मांग या अन्य स्थिति से भी निपटा जा सकेगा। रोशनी के पर्व के तीनों दिन बिजली आपूर्ति के लिये कम्पनी के ताप विद्युत गृहों से 21 सौ मेगावॉट और जल विद्युत गृहों से 5सौ  मेगावॉट बिजली उत्पादन की योजना है। सेंट्रल सेक्टर (एनटीपीस) से 2500 मेगावॉट और डीवीसी से 300 मेगावॉट बिजली मिलेगी। वहीं सेंट्रल सेक्टर के बदरपुर ताप विद्युत गृह से प्रदेश को अतिरिक्त रूप से 200 मेगावॉट बिजली प्राप्त होगी। निजी बिजली उत्पादकों सासन, जे.पी. बीना, जे.पी. निगरी, बीएलए, लेंको अमरकंटक और टोरेंट से प्रदेश को इस दौरान करीब 1600 मेगावॉट बिजली प्राप्त होगी। साथ ही इस दौरान इंदिरा सागर जल विद्युत परियोजना से 800 से 900 मेगावॉट, सरदार सरोवर से 600 मेगावॉट और ओंकारेश्वर जल विद्युत परियोजना से 400 मेगावॉट बिजली उपलब्ध होगी।
  छह साल में 2500 मिडिल और हाई स्कूल का उन्नयन
भोपाल।  मध्यप्रदेश में इस साल सहित पिछले छ: साल में 2582 मिडिल और हाई स्कूल का उन्नयन किया गया। वर्ष 2008-09 से अब तक के वर्ष में 1642 मिडिल स्कूल का हाई स्कूल और 940 हाई स्कूल का हॉयर सेकेण्डरी में उन्नयन किया गया।
राज्य सरकार ने चालू माली साल के लिये विगत जुलाई में वार्षिक बजट प्रस्तुत करते समय शहरी क्षेत्र में 50 माध्यमिक (मिडिल) शालाओं के हाई स्कूल-स्तर पर उन्नयन की घोषणा की थी। इसी तरह 100 हाई स्कूल के हायर सेकेण्डरी में उन्नयन की भी घोषणा की गई थी। इन घोषणाओं का मात्र तीन माह में क्रियान्वयन कर आदेश जारी किये जा चुके हैं। अपग्रेड हुए स्कूलों में अमले आदि की व्यवस्था की जा रही है। उन्नयन किये गये हाई स्कूल एवं हायर सेकेण्डरी स्कूल के लिये बजट प्रावधान भी कर दिया गया है।
मिडिल से हाई स्कूल
प्रदेश में छ: वर्ष के दौरान उन्नयित 1642 मिडिल स्कूल में वर्ष 2008-09 में 448, वर्ष 2010-11 में 341, वर्ष 2011-12 में 603, वर्ष 2012-13 और वर्ष 2013-14 में 100-100 तथा वर्ष 2014-15 में 50 मिडिल स्कूल का हाई स्कूल में उन्नयन किया गया।
हाई स्कूल से हॉयर सेकेण्डरी
हाई स्कूल से हायर सेकेण्डरी में अपग्रेड हुए 940 स्कूल में वर्ष 2008-09 में 30, वर्ष 2010-11 में 50, वर्ष 2011-12 में 160, वर्ष 2012-13 एवं वर्ष 2013-14 में 300-300 तथा वर्ष 2014-15 में 100 स्कूल अपग्रेड किये गये।
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अध्यापक संवर्ग एवं पंचायत सचिवों का मंहगाई भत्ता बढ़ा
सात प्रतिशत की हुई वृद्धि
भोपाल।   राज्य शासन ने पंचायत राज संस्थाओं तथा स्थानीय निकायों में नियोजित अध्यापक संवर्ग एवं पंचायत सचिवों को वेतन-बेण्ड में वेतन एवं संवर्ग वेतन के योग पर एक जुलाई, 2014 से मंहगाई भत्ते में 7 प्रतिशत की वृद्धि की है। अब उन्हें 107 प्रतिशत की दर से मंहगाई भत्ता दिया जाएगा। भत्ता माह जुलाई के वेतन से देय होगा। मंहगाई भत्ते का भुगतान अध्यापक संवर्ग एवं पंचायत सचिवों को उन्हीं संस्थाओं द्वारा दिया जाएगा, जहां वे कार्यरत हैं।
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उन्नत खेती मध्यप्रदेश के विकास का आधार

  उन्नत खेती मध्यप्रदेश के विकास का आधार

शहडोल में कृषि महोत्सव के समापन समारोह में उच्च शिक्षा मंत्री श्री गुप्ता

 भोपाल।  उच्च एवं तकनीकी शिक्षा एवं शहडोल जिले के प्रभारी मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता ने कहा है कि उन्नत खेती मध्यप्रदेश के विकास का आधार है। अगर खेती से पैदावार बढ़ेगी तो प्रदेश का किसान खुशहाल होगा। किसान की खुशहाली से प्रदेश में समृद्धि आएगी। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में उन्नत खेती के माध्यम से खेती को लाभ का धंधा बनाने की तकनीक किसानों को बताने के उद्देश्य से कृषि महोत्सव का आयोजन किया गया है। श्री गुप्ता शहडोल में कृषि महोत्सव और तीन दिवसीय कृषि विज्ञान मेले का समापन कर रहे थे।
श्री गुप्ता ने कहा कि हमारी सरकार प्रदेश की पहली सरकार है, जिसने उन्नत खेती पर ध्यान दिया है। प्रभारी मंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में पहली बार किसान पंचायत बुलाई गई थी जिसमें किसान की उन्नति, प्रगति और समृद्धि के लिए कार्य-योजना बनाई गई। उन्होंने कहा कि पहले किसानों से ऋण पर 18 प्रतिशत की दर से ब्याज लिया जाता था। अब किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध करवाया जा रहा है। उन्होंने जिले के किसानों से अपील की कि वे कृषि, पशुपालन, मत्स्य पालन की उन्नत तकनीक सीखें और कृषि को लाभ का धंधा बनायें।
सासंद श्री दलपत सिंह परस्ते ने कहा कि कृषि को लाभ का धंधा बनाने के लिए किसान कृषि वैज्ञानिकों द्वारा बताए गए आधुनिक तरीकों से खेती करें। विधायक सर्वश्री जयसिंह मरावी, श्री रामपाल सिंह, श्रीमती प्रमिला सिंह और जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती कमलेश नट एवं अन्य जन-प्रतिनिधि ने भी संबोधित किया।
कृषि महोत्सव के दौरान शहडोल जिले के लगभग 3 लाख किसान को खसरा और खतौनी की नकल दी गई। जिले के सभी किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड, मत्स्य-पालकों को मछुआ क्रेडिट कार्ड, 5000 किसान को ऋण-पुस्तिकाएँ तथा वनाधिकार-पत्र प्राप्त किसानों को विभिन्न योजना का लाभ दिलवाया गया। प्रभारी मंत्री श्री गुप्ता उमरिया जिले में भी कृषि महोत्सव के समापन समारोह में शामिल हुए।

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शिशुओं के लिए शुरु होगा टीकाकरण अभियान

 शिशुओं के लिए शुरु होगा टीकाकरण अभियान

 भोपाल।   एक नवम्बर मध्यप्रदेश के स्थापना दिवस से बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए पेंटावेलेंट वैक्सीन देने का प्रदेश व्यापी अभियान शुरू किया जा रहा है। अभी तक भारत ने पोलियो जैसी गंभीर बीमारी के सम्पूर्ण उन्मूलन में पूरी तरह सफलता हासिल की है। पेंटावेलेंट टीकाकरण के माध्यम से डिप्थिरिया, परटयूसिस, टिटनेस, हेपेटाइटिस-बी और हिब से बचाव किया जा सकेगा। पेंटावेलेंट वैक्सीन वतर्मान डी.टी.पी. तथा हेपेटाइटिस-बी वैक्सीन का चरणबद्ध रूप से स्थान लेगी। अभी तक डी.टी.पी. तथा हेपेटाइटिस-बी की वैक्सीन बच्चों को अलग अलग छ:, दस और चौदह सप्ताहों में दी जाती है। इसके स्थान पर अब पेंटावेलेंट वैक्सीन दी जायेगी। ओरल पोलियो वैक्सीन पूर्ववत दी जाती रहेगी।

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प्रधानमंत्री छात्र योजना में आवेदन करें

  भूतपूर्व सैनिक अपने बच्चों के लिए प्रधानमंत्री छात्र योजना में आवेदन करें
 भोपाल।  भूतपूर्व सैनिकों के बच्चों के लिए प्रधानमंत्री छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत छात्रवृत्ति प्राप्त करने के लिए आवेदन पत्र 25 नवम्बर 2014 तक जिला सैनिक कल्याण कार्यालय भोपाल में जमा किये जा सकते है। उपरोक्त तिथि के बाद प्राप्त आवेदनों पर कोई विचार नहीं किया जाएगा।