Saturday, October 25, 2014

प्रधानमंत्री छात्र योजना में आवेदन करें

  भूतपूर्व सैनिक अपने बच्चों के लिए प्रधानमंत्री छात्र योजना में आवेदन करें
 भोपाल।  भूतपूर्व सैनिकों के बच्चों के लिए प्रधानमंत्री छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत छात्रवृत्ति प्राप्त करने के लिए आवेदन पत्र 25 नवम्बर 2014 तक जिला सैनिक कल्याण कार्यालय भोपाल में जमा किये जा सकते है। उपरोक्त तिथि के बाद प्राप्त आवेदनों पर कोई विचार नहीं किया जाएगा। 

बड़े तालाब में के लिए नाव चालकों को पहननी होगी लाइफ जैकेट

  बड़े तालाब में के लिए नाव चालकों को पहननी होगी लाइफ जैकेट
भोपाल।   बड़े तालाब में नौकायन के लिए अब नाविकों को लाइफ जैकेट व अन्य सुरक्षा उपकरण ले जाना अनिवार्य कर दिया गया है। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी निशांत वरवड़े ने इस बारे में एक आदेश जारी कर कहा है कि नाविक बड़े तालाब में चलने वाली नावों में बोट की मजबूती और नाव को तालाब में चलाने के लिए प्रमाण पत्र साथ में रखेंगे। प्रमाण पत्र टूरिज्म डवलपमेंट कारपोरेशन के अधिकारी देंगे। प्रत्येक नाव में लाइफ जैकेट उतनी ही संख्या में साथ में रखे जाएंगे। जितनी संख्या में उसे यात्रियों को ले जाने के लिए प्रमाणित किया गया है। नाव की क्षमता का निर्धारण टूरिज्म डवलपमेंट कारपोरेशन के कर्मचारियों द्वारा किया जाएगा।जारी आदेश में कहा गया है कि नाव चालक अनिवार्य रूप से कुशल तैराक होना चाहिए। हर माह नाव का तकनीकी सत्यापन करवाना अनिवार्य होगा ताकि किसी प्रकार की खराबी का तत्काल पता लग सके। सूर्यास्त होने या सांय 7 बजे के बाद ( जो भी पहले हो ), बोट का संचालन नहीं होगा।

संविदा कमिर्यों की ड्यूटी भी लगाई जा सकेगी चुनाव में उ्यूटी

  संविदा कमिर्यों की ड्यूटी भी लगाई जा सकेगी चुनाव में उ्यूटी
 भोपाल।  नगरीय निकाय एवं त्रि-स्तरीय पंचायतों के आम निर्वाचन में मतदान दलों में संविदा कमिर्यों की ड्यूटी भी लगाई जा सकेगी। संविदा कमिर्यों की ड्यूटी शासकीय कमर्चारियों की कमी होने पर अपरिहार्य स्थिति में ही लगाने के निर्देश दिए गए हैं। राज्य निर्वाचन आयुक्त श्री आर. परशुराम ने कहा है कि ऐसे संविदाकर्मी की ड्यूटी लगाई जाएगी। जिनकी सेवा निरंतर तीन वर्ष एवं उससे अधिक होगी। उन्होंने कहा कि मतदान दलों के गठन पर संविदाकर्मी को पीठासीन अधिकारी और मतदान अधिकारी क्रमांक-1 नहीं बनाया जाए। इन्हें मतदान अधिकारी क्रमांक-2, 3 एवं 4 बनाया जा सकता है।
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    जिले के सर्वांगीण विकास में सभी सहयोगी बने

800 स्व-सहायता समूह को ऋण वितरित
उद्योग मंत्री श्रीमति सिंधिया द्वारा राजगढ़ में कृषि महोत्सव का समापन

 भोपाल।  गरीब और पिछड़े तबकों के लोगों के आर्थिक विकास पर विशेष ध्यान दें। महिलाएं सशक्त हों। जिले के सर्वांगीण विकास में सभी सहयोगी बने। यह बात प्रदेश की वाणिज्य-उद्योग एवं राजगढ़ जिले की प्रभारी मंत्री श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ने राजगढ़ में कृषि महोत्सव के समापन कार्यक्रम में कही। श्रीमती सिंधिया ने डीपीआईपी के महिला स्व-सहायता समूहों को नमर्दा-झाबुआ बैंक द्वारा आजीविका मिशन के तहत 9 करोड 17 लाख रूपये के ऋण वितरित किए।

श्रीमती सिंधिया ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री की योजनाओं में महिला सशक्तिकरण महत्वपूर्ण कड़ी है। महिलाएँ यदि स्वावलंबी बनती हैं तो वह परिवार के आर्थिक विकास में सहारा तो बनेंगी ही, साथ ही प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण सहयोगी भी बनेगी। उन्होंने कृषि को लाभप्रद बनाने, कृषक उन्नत कृषि तकनीकी अपनाने, उन्नत बीजों के उपयोग और पशुपालन भी करने का आव्हान किया। उन्होंने कहा कि खाद्य प्र-संस्करण उद्योग के क्षेत्र में प्रदेश में उद्योग स्थापित करने उद्यमी आ रहे हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि कच्ची सामग्री उपलब्ध होने पर जिले के प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में उद्योग स्थापना के प्रयास होंगे।

श्रीमती सिंधिया ने बताया कि कृषि महोत्सव में जिले के प्रत्येक विकासखण्ड के रूट-चार्ट अनुसार जिले के कुल 432 क्लस्टर ग्राम का कृषि क्रांति रथ द्वारा भ्रमण किया गया। इसमें 1544 ग्राम के कुल 49 हजार 266 किसान से सम्पर्क कर विभिन्न विभाग द्वारा जानकारी एवं सुविधाएँ उपलब्ध करवाई गईं। सूरजधारा, अन्नपूर्णा एवं बीज ग्राम योजना में 5090 बीज किट वितरण किया गया।

जिले में डीपीआईपी परियोजना के द्वितीय चरण में 2200 समूह को 11 परिसंघ में संगठित कर उन्हें रजिस्ट्रार फर्म्स एवं सोसायटी एक्ट में पंजीकृत किया गया। स्व-सहायता समूहों को प्रशिक्षण देने के लिये राज्य स्तरीय समुदाय द्वारा संचालित प्रशिक्षण केन्द्र प्रारम्भ किया गया है। 800 समूह को बैंकों के माध्यम से ऋण उपलब्ध करवाया गया है। इससे 8000 महिलाओं को रोजगार प्राप्त होगा।

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श्री भंडारी ने पदभार सम्हाला
, भोपाल।   राज्य प्रशासनिक सेवा अधिकारी रमेश भंडारी ने मुख्य सचिव कार्यालय में उप सचिव का पदभार ग्रहण कर लिया है। श्री भंडारी पूर्व में नागरिक आपूर्ति निगम में महाप्रबंधक पद पर पदस्थ थे।
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जैविक खेती में प्रदेश देश ही नहीं विश्व में स्थान बनायेगा

फूड प्रोसेसिंग कारखाना लगाने वालों को 5 साल तक मण्डी शुल्क में छूट
अब हरी खाद पर भी अनुदान
शहडोल, इंदौर, जबलपुर में बीज प्रमाणीकरण संस्थाएँ खुलेंगी
मुख्यमंत्री श्री चौहान द्वारा मण्डला में राष्ट्रीय जैविक उत्सव का समापन



प्रदेश में माह भर चला कृषि महोत्सव
कृषि क्रांति रथ का भ्रमण

ग्रामों की संख्या
27,137

कृषक शिविर का आयोजन
25,429

कृषक शिविर में भाग लेने वाले कृषक
23,28,983
किट वितरण

कृषि किट वितरण
2,22,128

उद्यानिकी किट वितरण
6,09,243

पशु चिकित्सा एवं पशुपालन संबंधी किट वितरण
6,51,451

मृदा परीक्षण के लिये नये मिट्टी के नमूने
2,57,500

स्वाइल हेल्थ कार्ड वितरण
1,23,250
मुख्यमंत्री खेत-तीर्थ योजना

दलों के आयोजित भ्रमण
3,604

भ्रमण में भाग लेने वाले कृषक
42,770

स्प्रिंकलर ड्रिप वितरण
10,590

किसान क्रेडिट कार्ड वितरण
4,41,914

राजस्व अभिलेख एवं खसरा खतौनी का विवरण
57,21,035

लंबित नामांतरण प्रकरणों का निराकरण
48,883

लंबित सीमांकन प्रकरणों का निराकरण
4,399

ऋण पुस्तिका वितरण
1,30,619

खेतों के स्थायी पंप कनेक्शन
46,686

मेरा खेत मेरी माटी योजना के नवीन कार्यों का शुभारंभ
46,827

कमाण्ड एरिया की बढ़ोत्तरी (हेक्टेयर में)
23,874
पशुपालन विभाग के कार्य

शिविर की संख्या
11,082

नवीन दुग्ध उत्पादक समितियों का गठन
562

नवीन दुग्ध उत्पादक समितियों की सदस्य संख्या
24,484

कृत्रिम गर्भाधान
58,256

टीकाकरण
14,37,625

पशुओं का उपचार
5,35,096

बधियाकरण
69,291
मत्स्य पालन विभाग के कार्य

पशु चिकित्सा एवं पशुपालन संबंधी किट वितरण
6,51,451

अनुदान राशि वितरण से लाभांवित हितग्राही
1,347

जाल क्रय अनुदान राशि वितरण से लाभांवित हितग्राही
5,592

मछुआ क्रेडिट कार्ड का वितरण
2,012

वन पौधे का सशुल्क वितरण
1,95,500

उद्यानिकी पौधे का सशुल्क वितरण
12,12,460

विशेष पोषण दिवस में एकत्रित अनाज की मात्रा क्विंटल में
4600.18

विकासखंड स्तरीय संगोष्ठी की संख्या
245

संगोष्ठी में उपस्थित कृषकों की संख्या
2,64,941

जिला स्तर कृषि विज्ञान मेलों की संख्या
28

मेले में उपस्थित कृषकों की संख्या
1,09,982
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि जैविक खेती के क्षेत्र में प्रदेश देश ही नहीं विश्व में स्थान बनायेगा। श्री चौहान ने कहा कि वतर्मान में जैविक खेती उत्पाद में अगर देश में मध्यप्रदेश का हिस्सा वतर्मान में 40 प्रतिशत है, तो यह भी प्रदेश के किसानों की मेहनत और जागरूकता का परिणाम है। मुख्यमंत्री श्री चौहान आज मण्डला में राष्ट्रीय जैविक कृषि उत्सव का समापन कर रहे थे। इस उत्सव के समापन के साथ ही प्रदेश में विगत 25 सितम्बर से 20 अक्टूबर तक मनाये गये कृषि महोत्सव का भी समापन हुआ। उत्सव में जैविक उत्पादकों से 23 एमओयू भी हुए।

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रदेश में किसानों को अब हरी खाद पर भी अनुदान दिया जायेगा। साथ ही प्रत्येक मण्डी में जैविक उत्पाद के काउंटर की व्यवस्था की जायेगी। उन्होंने कहा कि जैविक उत्पादन को बढ़ावा देने के लिये जैविक विकास समिति की बैठक हर तीन माह में की जायेगी।

मण्डला में राज्य-स्तरीय जैविक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केन्द्र खुलेगा

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि परम्परागत बीज को विकसित करने के लिये बीज विकास निगम से बात की जायेगी। उन्होंने घोषणा की कि शहडोल, इंदौर और जबलपुर में बीज प्रमाणीकरण संस्था खुलेगी। मण्डला में जैविक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केन्द्र भी खोला जायेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि फूड प्रोसेसिंग का कारखाना लगाने वालों को 5 साल तक मण्डी शुल्क में छूट रहेगी। श्री चौहान ने कहा कि जैविक उत्पादों के किसानों की समितियाँ बनेंगी। जैविक उत्पादन की ब्राण्डिंग एवं पेकेजिंग की भी व्यवस्था होगी। श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में पशु-पालन को बढ़ावा दिया जायेगा।

कृषि महोत्सव के दौरान इकठ्ठा हुआ 4600 क्विंटल खाद्यान्न

कृषि महोत्सव के दौरान मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के आव्हान पर ग्रामीणों ने कृषि-रथ और महोत्सव में शामिल होने वाले जन-प्रतिनिधियों का स्वागत हार-फूल के बजाए अनाज देकर किया। महोत्सव के दौरान 4600.18 क्विंटल खाद्यान्न एकत्रित हुआ है। इसमें दाल, चावल, गेहूँ इत्यादि अनाज शामिल हैं। यह खाद्यान्न आँगनवाड़ी केन्द्रों में पोषण-आहार के रूप में इस्तेमाल किया जायेगा।

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कर अपवंचन पर सख्त कारर्वाई की जाय - मुख्यमंत्री

  कर अपवंचन पर सख्त कारर्वाई की जाय - मुख्यमंत्री

 भोपाल।  मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान ने कर अपवंचन के मामलों में सख्त कारर्वाई के निर्देश दिये हैं। उन्होंने कहा है कि कर अपवंचन करने वालों की सूचना देने वालों को पुरस्कृत करने की योजना बनाई जाए।
श्री चौहान आज यहाँ प्रदेश के वित्तीय प्रबंधन की समीक्षा कर रहे थे। इस अवसर पर वित्त मंत्री श्री जयंत मलैया, वन मंत्री डॉ. गौरीशंकर शेजवार, राजस्व मंत्री श्री रामपाल सिंह भी उपस्थित थे। श्री चौहान ने कहा कि कर संग्रहण का कार्य सर्वश्रेष्ठ हो। कर अपवंचन की किसी भी सम्भावना को प्रभावी तरीके से रोका जाये। गड़बड़ी करने वालों के विरूद्ध कठोर कारर्वाई की जाये। व्यवस्थागत त्रुटियों और और लीकेज को रोकने के प्रावधानों में आवश्यकता अनुसार संशोधन परिवर्धन के प्रस्ताव भी तैयार किये जायें। कराधान व्यवस्था का स्वरूप ऐसा होना चाहिए कि करदाता का कार्य और व्यापार संचालन अवरूद्ध नहीं हो और शासन को भी जायज राजस्व की हानि नहीं हो। संग्रहण के लिए पर्याप्त अमला उपलब्ध कराया जाय। उन्होंने अस्थाई सुरक्षागार्ड के रूप में भूतपूर्व सैनिकों को तैनात करने और खनिज खदानों की कम्प्यूट्राइज्ड मानिटरिंग की योजना बनाकर क्रियान्वित करने के निर्देश दिये। खनिज स्वीकृति के लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण करने के लिये कहा।
बैठक में बताया गया कि वाणिज्य कर विभाग द्वारा कर छूट के निर्धारित प्रपत्रों का मिलान अन्य राज्यों से कराया जा रहा है। 19 राज्यों के प्रपत्रों के मिलान के दौरान करीब 90 करोड़ रूपये के कर अपवंचन के प्रकरणों में कठोर कारर्वाई की जा रही है।
पंजीयन विभाग की समीक्षा के दौरान बताया गया कि विभाग के डाटा का 19 अन्य विभागों के साथ डाटा इन्टीग्रेशन की कारर्वाई शुरू की गई है। ई-पंजीयन के पॉयलेट प्रोजेक्ट पर कार्य चल रहा है। फरवरी 2015 तक पूरे प्रदेश में ई-पंजीयन की व्यवस्था हो जाएगी। खनिज विभाग द्वारा बताया गया कि 8 जिलों में गौण खनिज की नई खदानों के चिन्हांकन का कार्य पूर्ण हो गया है। शेष जिलों में आगामी माह के अंत तक हो जाएगा।
आबकारी विभाग को कम्प्यूट्राइजेशन का कार्य पूरा करने के निर्देश दिये गये। मुख्यमंत्री ने कहा कि कम्प्यूट्राइजेशन की प्रगति साप्ताहिक रिपोर्ट भेजी जाय। होलोग्राम लगाने की अनिवायर्ता के लिये वैधानिक प्रावधान और आबकारी उत्पाद के विदेशों में निर्यात संबंधी प्रावधानों को सुधार कर करारोपण किया जाय।
परिवहन विभाग द्वारा बताया गया कि परिवहन संबंधी परमिट जारी करने की प्रक्रिया सरलीकृत करने से विगत तीन माह में 7 हजार परमिट जारी किए गए हैं। अब ई-परमिट जारी करने की प्रक्रिया भी प्रारंभ कर दी गई। बताया गया कि गत वर्ष अगस्त से सितम्बर की तुलना में 35 प्रतिशत अधिक विद्युत आपूर्ति की जा रही है। निर्देश दिये गए कि विद्युत भुगतान की वसूली की जाए तथा वसूली में ध्यान देकर उपभोक्ताओं में नियमित विद्युत बिल भुगतान की आदत डाली जाए।
  आधुनिक संसाधनों से बढ़ सकती है  पशुपालकों की आमदानी
जबलपुर के पशु चिकित्सा महाविद्यालय के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने दी सलाह
साँची ब्रांड के तीन नए उत्पाद लांच
भोपाल।  मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रधानमंत्री की लेब-टू-लेंड योजना में जितने भी अत्याधुनिक साधन आए हैं, उनके उपयोग को मप्र में ज्यादा से ज्यादा बढ़ावा दिया जाएगा। इससे कृषि और पशुपालन में अभूतपूर्व प्रगति होगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पशुपालकों की आमदनी चार गुना तक बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं। इस अवसर पर पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री गोपाल भार्गव, किसान-कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री गौरीशंकर बिसेन, स्वास्थ्य राज्यमंत्री शरद जैन मौजूद थे।
मुख्यमंंत्री ने सोमवार को नानाजी देशमुख पशु चिकित्सा विश्वविद्यालय, जबलपुर में लेब-टू-लेंड कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए यह बात की। इसका उद्देश्य पशुपालन के क्षेत्र में वैज्ञानिकों द्वारा की जा रही खोज और अनुसंधान का लाभ पशुपालकों और किसानों तक पहुंचाना है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर सांची ब्रांड के तीन नए उत्पाद को औपचारिक रूप से लांच किया। इनमें काजू कतली, रसगुल्ला और गुलाब जामुन शामिल हैं। उन्होंने अधिक दूध उत्पादन वाले देशी नस्ल की गाय के पालकों को राज्य-स्तरीय गोपाल पुरस्कार से भी सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने 'ज्ञानार्जन' वेबसाइट का लोकार्पण भी किया।  मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश में सबसे ज्यादा पशु हैं, लेकिन उनके नस्ल सुधार की आवश्यकता है। फिलहाल प्रदेश के 39 जिले में पशु बीमारियों का अत्याधुनिक विधियों से परीक्षण हो रहा है। शीघ्र ही यह सुविधा सभी जिलों में की जायेगी। उन्होंने कहा कि साँची ब्रांड को अमूल से आगे ले जाना है। यह असंभव नहीं है। इसके लिये सिर्फ अच्छी मार्केटिंग करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि हर गाँव में दुग्ध उत्पादन समितियाँ बनेंगी और दुग्ध संघ को अधिक बढ़ावा दिया जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि दूध के उत्पादन के साथ-साथ दुग्ध उत्पादों की रेंज भी बढ़ाई जायेगी। आवश्यकता से अधिक दूध की उपलब्धता होने पर दूध पाउडर भी बनाया जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में पारम्परिक खेती के साथ-साथ जैविक खेती को भी भरपूर बढ़ावा दिया जा रहा है। पशुपालन मंत्री सुश्री कुसुम महदेले ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा पशुपालन के क्षेत्र में नई विधियों को शुरू किया गया है और इन्हें ज्यादा से ज्यादा बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने पशुपालकों को नई विधियाँ अपनाने का सुझाव दिया।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति श्री अमरजीत सिंह नंदा, प्रमुख सचिव पशुपालन श्री प्रभांशु कमल और वैज्ञानिक, पशु चिकित्सक एवं बड़ी संख्या में पशुपालक उपस्थित थे।
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